मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC): उत्तीर्ण दर, प्रारूप और अध्ययन गाइड
मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC) की तैयारी करने वालों के लिए संदर्भ गाइड — उत्तीर्ण दर, दोबारा परीक्षा के नियम, अंकन और व्यावहारिक अध्ययन योजना। यह बिक्री पेज नहीं, स्वतंत्र जानकारी है; नीचे की जानकारी परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के प्रकाशनों पर आधारित है।
मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC) क्या है
प्रारंभिक परीक्षा में दो वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न पत्र होते हैं: प्रथम सामान्य अध्ययन और द्वितीय सामान्य अभिरुचि परीक्षण; प्रत्येक में 100 प्रश्न, चार विकल्प (A, B, C, D) और 2 घंटे का समय (MPPSC विज्ञापन 31 दिसंबर 2025)। प्रश्न पत्र हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में होते हैं, केवल हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल के प्रश्न हिन्दी में होते हैं; प्रारंभिक परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा हेतु पात्रता निर्धारण (लघुसूचीकरण) के लिए है। इस पोर्टल की मॉक परीक्षा 200 प्रश्नों की है।
यह क्यों मायने रखती है
राज्य सेवा परीक्षा मध्य प्रदेश के प्रशासनिक पदों में भर्ती का प्रमुख मार्ग है और प्रारंभिक परीक्षा उसका पहला चरण है।
यह परीक्षा किनके लिए है
मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले स्नातक अभ्यर्थी और पुनः प्रयास करने वाले उम्मीदवार।
उत्तीर्ण दर
परीक्षा संस्था इस परीक्षा की आधिकारिक उत्तीर्ण दर सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं करती। यहाँ कोई विशेष संख्या बताने वाली तीसरे पक्ष की साइटों से सावधान रहें — इस परीक्षा की उत्तीर्ण दर के बारे में कहीं और दिखने वाले दावों को असत्यापित मानें।
अगर आप उत्तीर्ण नहीं होते — दोबारा परीक्षा की नीति
अगले विज्ञापन में फिर आवेदन किया जा सकता है; प्रयासों की सीमा के लिए आयोग का विज्ञापन देखें।
अंकन कैसे होता है
प्रारंभिक परीक्षा में अनारक्षित और अनारक्षित महिला वर्ग को प्रत्येक प्रश्न पत्र में न्यूनतम 40% और SC/ST/OBC/EWS/दिव्यांगजन को न्यूनतम 30% अर्हतांक चाहिए। अंतिम चयन प्रारंभिक अंकों से नहीं, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार से तय होता है। प्रारूप: ओ.एम.आर. आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षा; मुख्य परीक्षा में 6 वर्णनात्मक प्रश्न पत्र होते हैं और अंत में साक्षात्कार। इस परीक्षा का कोई आधिकारिक उत्तीर्ण प्रतिशत उपलब्ध नहीं है, इसलिए यहाँ कोई आँकड़ा नहीं दिया गया है।
प्रारूप एक नज़र में
प्रारंभिक परीक्षा में दो वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न पत्र होते हैं: प्रथम सामान्य अध्ययन और द्वितीय सामान्य अभिरुचि परीक्षण; प्रत्येक में 100 प्रश्न, चार विकल्प (A, B, C, D) और 2 घंटे का समय (MPPSC विज्ञापन 31 दिसंबर 2025)। प्रश्न पत्र हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में होते हैं, केवल हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल के प्रश्न हिन्दी में होते हैं; प्रारंभिक परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा हेतु पात्रता निर्धारण (लघुसूचीकरण) के लिए है। इस पोर्टल की मॉक परीक्षा 200 प्रश्नों की है। प्रारंभिक परीक्षा: दो वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र, प्रत्येक में 100 प्रश्न, चार विकल्प, 2 घंटे · हिन्दी और अंग्रेजी · ऋणात्मक मूल्यांकन लागू · मुख्य परीक्षा के लिए केवल पात्रता. प्रारंभिक परीक्षा में अनारक्षित और अनारक्षित महिला वर्ग को प्रत्येक प्रश्न पत्र में न्यूनतम 40% और SC/ST/OBC/EWS/दिव्यांगजन को न्यूनतम 30% अर्हतांक चाहिए। अंतिम चयन प्रारंभिक अंकों से नहीं, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार से तय होता है।
पूरी पात्रता आवश्यकताएँ और मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC) अध्ययन पोर्टल में शामिल सब कुछ यहाँ है: मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा (MPPSC) प्रोडक्ट पेज.
हर विषय असल में क्या परखता है
प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य अध्ययन) में भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति और साहित्य, भूगोल, संवैधानिक व्यवस्था, अर्थतंत्र, कृषि, उद्योग एवं योजनाएँ, विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य, समसामयिक घटनाएँ, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और मध्य प्रदेश की जनजातियाँ शामिल हैं। द्वितीय प्रश्न पत्र (सामान्य अभिरुचि परीक्षण) में बोधगम्यता, संचार कौशल, तार्किक कौशल, निर्णय लेना व समस्या समाधान, सामान्य मानसिक योग्यता, आधारभूत संख्यायन और हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल शामिल हैं। आयोग विषयवार प्रश्नों का प्रतिशत भारांश प्रकाशित नहीं करता, इसलिए कोई भारांश नहीं दिया गया है।
पात्रता आवश्यकताएँ, पूरे विवरण में
स्नातक की उपाधि किसी भी विषय में (UGC-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय) आवश्यक बताई गई है और अंतिम वर्ष के विद्यार्थी अनंतिम रूप से आवेदन कर सकते हैं; सामान्य आयु सीमा 21 से 40 वर्ष है, आरक्षित वर्गों को छूट के साथ। वर्दीधारी पदों के लिए आयु सीमा अलग बताई गई है। विज्ञापन देखें।
इसकी असली लागत
₹500 (सामान्य/OBC) और ₹250 (SC/ST मध्य प्रदेश के मूल निवासी, दिव्यांगजन) केवल एक स्रोत में मिले और आधिकारिक विज्ञापन से पुष्टि नहीं हुई।
प्रमाणपत्र बनाए रखना — नवीनीकरण और पुनः प्रमाणन
चयन के बाद की नियुक्ति और प्रशिक्षण संबंधी नियम सरकार के नियमों से तय होते हैं; यह मार्गदर्शिका उन्हें नहीं बताती।
असल में तैयारी कैसे करें
विषयों को क्षेत्र-दर-क्षेत्र पढ़ें और अंत में 200 प्रश्नों वाले पूरे समयबद्ध मॉक टेस्ट एक ही बैठक में दें।
क्या बदल रहा है (2026)
पाठ्यक्रम, शुल्क और नियम हर विज्ञापन के साथ बदल सकते हैं। यह मार्गदर्शिका सत्यापन में दिए दस्तावेजों को अक्टूबर 2026 तक के रूप में मानती है; 2026 की प्रारंभिक परीक्षा हो चुकी है, इसलिए अगले विज्ञापन की प्रतीक्षा करें।
क्या आप ठीक इसी प्रारूप पर बना पूरा अभ्यास प्रश्न बैंक चाहते हैं?
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